रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (जीएमएच) में इलाज के दौरान एक बार फिर महिला की मौत का मामला सामने आया है। गढ़ क्षेत्र से आई 27 वर्षीय गर्भवती महिला रसना रजक ने प्रसव के बाद स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया लेकिन इसके बाद बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने गायनी विभाग के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। महिला की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। दो दिन के नवजात सहित दो बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। परिजनों के अनुसार, रसना रजक को शुक्रवार को प्रसव के लिए जीएमएच लाया गया था। अस्पताल में प्रसव के बाद उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद चिकित्सकों ने परिजनों को बच्चेदानी निकालने की सलाह दी। बताया गया कि बच्चेदानी में गंदगी होने के कारण ऑपरेशन जरूरी है और इसके बिना महिला की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। चिकित्सकों की सलाह पर परिजन बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए तैयार हो गए। इसके बाद महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे रसना की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। ऑपरेशन थिएटर से बाहर आने के बाद जब परिवार को महिला की मौत की जानकारी मिली तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस परिवार में नवजात के जन्म से खुशियां आने की उम्मीद थी, वहां कुछ ही घंटों में मातम छा गया।
जिस फैसले पर भरोसा किया, उसी को लेकर पछता रहा परिवार
परिजनों के लिए सबसे पीड़ादायक स्थिति यह है कि उन्होंने चिकित्सकों की सलाह पर भरोसा करते हुए बच्चेदानी निकालने के ऑपरेशन की अनुमति दी थी। अब महिला की मौत के बाद परिवार के सदस्य इस फैसले को लेकर खुद को दोषी महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि ऑपरेशन की जरूरत और उससे जुड़े संभावित खतरों की जानकारी उन्हें स्पष्ट रूप से दी गई होती, तो शायद वे दूसरे विकल्पों के बारे में विचार कर सकते थे। हालांकि, ऑपरेशन की वास्तविक आवश्यकताए रक्तस्राव के कारण और मौत के चिकित्सकीय कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। रसना के परिवार में पहले से एक बच्चा था। दूसरे बच्चे के जन्म के बाद परिवार को नई खुशियां मिलने वाली थीं लेकिन मां की मौत ने सब कुछ बदल दिया। अब दो दिन का नवजात पिता की गोद में है और परिवार के सामने दोनों बच्चों की परवरिश की बड़ी जिम्मेदारी खड़ी हो गई है।
मौत के कारणों की जांच जरूरी
कल्पना मिश्रा की मौत के बाद जीएमएच की व्यवस्थाओं और इलाज की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। अब रसना रजक की मौत के मामले ने एक बार फिर अस्पताल के गायनी विभाग में उपचार की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है। हालांकि महिला की मौत के लिए चिकित्सकीय लापरवाही जिम्मेदार थी या ऑपरेशन के दौरान कोई गंभीर जटिलता उत्पन्न हुई, यह जांच का विषय है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष, ऑपरेशन से संबंधित रिकॉर्ड और चिकित्सकीय जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके और जिम्मेदारी तय की जा सके।
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