रीवा। शहर को नियमित और शुद्ध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन स्वयं मैदान में उतर आये हैं। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को साथ लेकर इंटेक वेल से लेकर वार्ड तक जायजा लिया। जल शोधन संयंत्र के निरीक्षण के दौरान स्वयं पानी पीकर उसकी शुद्धता का परीक्षण भी किया। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत रीवा शहर की जलप्रदाय योजना का क्रियान्वयन एवं कमीशनिंग कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन ने नवनिर्मित 125 एमएलडी क्षमता के इंटेक वेल का भ्रमण कर कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने अधिकारियों से योजना की संपूर्ण तकनीकी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान कमीशनिंग कार्य के तहत इंटेक वेल से जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) के माध्यम से 6 पुरानी और 7 नई पानी की टंकियों को जोड़ा जा रहा है। इनके माध्यम से शहर में चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएँ सुचारु रूप से संचालित की जाएँ। उन्होंने डेडिकेटेड फीडर लाइन का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि बिजली ट्रिप होने से जलापूर्ति प्रभावित न हो। निगमायुक्त अक्षत जैन ने कहा शहरवासियों को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमृत 2.0 के अंतर्गत बने नए संयंत्र और टंकियाँ जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द हर घर तक दोनों समय नियमित जलापूर्ति पहुँचे। भ्रमण के दौरान कार्यपालन यंत्री सिद्धार्थ सिंह एवं पीडीएमसी टीम संविदाकार एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। हालांकि मामले की जानकारी के बाद नगर निगम के वर्तमान व पूर्व पार्षदों ने निरीक्षण को लेकर सवाल खड़ा कर दिया, उनका कहना था कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से तो पानी शुद्ध ही सप्लाई होता है लेकिन वार्ड में घरों में पहुंचते-पहुंचते दूषित हो जाता है, इसलिए निगमायुक्त जिन वार्डो में गंदे पानी की सप्लाई है, वहां पहुंचे और पानी पीकर शुद्धता की जांच करें, जिससे उन्हें पता चल जाएगा कि यह समस्या कितनी विकराल है।
गुणवत्ता की प्रतिदिन जाँच की जाए
निगमायुक्त ने नवनिर्मित 37 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने संयंत्र में जल शोधन की पूरी प्रक्रिया देखी और नियमित जल परीक्षण रिपोर्ट का अवलोकन किया। उन्होंने स्वयं शोधित जल पीकर उसकी शुद्धता भी जाँची। आयुक्त ने निर्देश दिए कि जल गुणवत्ता की प्रतिदिन जाँच की जाए और परीक्षण रिपोर्ट का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि क्लोरीनेशन सहित सभी शोधन प्रक्रियाएँ निर्धारित मानकों के अनुसार हों।
अतिरिक्त टीमें लगाकर नए कनेक्शन तेजी से करें
निगमायुक्त ने वार्ड क्रमांक 26 स्थित श्रवण कुमारी रामनगर कॉलोनी पहुँचकर नए नल कनेक्शनों से हो रही जलापूर्ति व्यवस्था का मौके पर जायजा लिया। वर्तमान में दोनों समय पानी उपलब्ध न होने के संबंध में उन्होंने जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी इंटरकनेक्शन और टेस्टिंग का कार्य शीघ्र पूर्ण कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अतिरिक्त टीमें लगाकर नए कनेक्शन तेजी से किए जाएँ, ताकि शहरवासियों को निर्बाध जलापूर्ति मिल सके।




