Contract terminated at the government level, yet officers remain at the Municipal Corporation; salaries are not being paid, and questions are being raised about the working methods
रीवा। नगर निगम सहित जिले के नगरीय निकॉय में डे-एनयूएलएम (दीनदयाल अंन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी अजिविका मिशन) के अनुबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा समाप्त हो चुकी है, बावजूद इसके वह अब भी नगरीय निकॉयों में सेवा दे रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि जब शासन ने इनकी सेवा समाप्त कर दी और नगर निकॉयों की तरफ से इनकी सेवा बढ़ाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गइ्र्र तो इनका भुगतान कहा से हो रहा है? बताया जा रहा है कि रीवा नगर निगम व जिले के निकॉयों का ही यह हाल नहीं है बल्कि प्रदेश के अन्य नगर निगमों और निकॉयों में शासन से सेवा समाप्त होने के बाद भी अनुबंधित अधिकारी-कर्मंचारी सेवा में बिना भुगतान के जुटे हुए हैं। इस प्रकार से बिना सक्षम स्वीकृति के कार्य कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा को लेकर अब सवाल खड़ा किया जाने लगा है।
प्रभार भी सौंप दिए गए
बता दें कि नगर निगम में डे-एनयूएलएम के अनुबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को योजना के समाप्त होने व उनकी सेवा का अनुबंध समाप्त होने के बाद भी कार्य लिया जा रहा है, हालांकि इनको भुगतान बीते चार माह से निगम प्रशासन द्वारा नहीं किया गया। डे-एनयूएलएम के सिटी मिशन मैनेजर रहे अभिमन्यू सिंह को तो जल कर शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी निगम ने दिया है, इसके साथ ईवी वाहन उपलब्ध करा रखा है, वह नियमित कर्मचारियों के ऊपर नोटशीट भी लिख रहे है, इसके साथ निगम में प्रीति रोचलानी, शरद गुप्ता, रजनीश पटेल सहित संजय कुमार को भी मानदेय देने से शासन से इंकार कर दिया है, इसके बाद भी बिना सक्षम स्वीकृति के इनसे काम लिया जा रहा है। आडिट ने मामले को लेकर आपत्ति भी जताई है।
शासन ने यह दिए हैं आदेश
बता दें कि इस संबंध में शासन ने निगम प्रशासन सहित निकॉयों को कई दफा पत्र जारी किया। हाल ही 15 अप्रैल 2026 में आए पत्र के बाद नगर निगम सहित कुछ निकॉयों ने इन अनुबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की सेवा को समाप्त मानते हुए उनका वेतन भुगतान बंद कर दिया, यह बात अलग है कि इनकी सेवा समाप्ति संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किए और न ही इनकी सेवा लेने के लिए कोई सक्षम स्वीकृति ली गई, जनवरी 2025 से लगातार पत्र आ रहे हैं लेकिन अभी तक निकॉयों ने कोई कार्यवाही नहीं की है।
कौन होगा जिम्मेदार?
जानकारों का कहना है कि यदि इन अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किसी प्रकार की गलती की जाती है या फिर वित्तीय अनियमितता की जाती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। निगम में तो इन अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी जिम्मेदारी भी दी गई है वह नोटशीट चला रहे हैं, हालांकि इस बात को लेकर कुछ नियमित अधिकारी-कर्मचारी नाराज है और दबी जुबान में विरोध कर रहे हैं, बीच में नियमित सहायक राजस्व अधिकारियों के ऊपर सिटी मिशन मैनेजर अभिमन्यू सिंह को प्रभार दिया जा रहा था, जिसको लेकर विरोध हुआ था।
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