Good news: Biomedical waste of hospitals of three districts will now be destroyed in Gurhरीवा. विंध्य मेडिकल हब बन रहा है। यहां तेजी से सरकारी अस्पताल का कायाकल्प हो रहा है। नए निर्माण हो रहे हैं। वहीं प्राइवेट अस्पतालों की भी संख्या तेजी से बढ़ रही है। रीवा में इन सरकारी और निजी अस्पतालों से हर दिन भारी भरकम मात्रा में बायो मेडिकल वेस्ट निकल रहा है। इनके निपटान की कहीं भी कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सीएमएचओ ने सभी अस्पताल प्रबंधकों को बायो वेस्ट अनुबंधित कंपनी को देने के निर्देश जारी किए हैं।
रीवा सीधी और सिंगरौली में बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के लिए संस्था तय : विन्ध्य क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। शासकीय अस्पतालों और निजी क्षेत्र में कई बड़े अस्पतालों में उपचार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। सभी अस्पतालों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बायो मेडिकल कचरा निकलता है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इस मेडिकल कचरे को निपटान की वैज्ञानिक प्रक्रिया निर्धारित की गई है। पर्यावरण प्रदूषण मण्डल द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप आधुनिक बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट में इसका निपटान किया जाता है।
संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ने रीवा, सीधी एवं सिंगरौली जिले के सभी शासकीय अस्पतालों के बायो मेडिकल कचरे के निपटान के लिए मेसर्स चित्रा किरण वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड गुढ़ को अधिकृत किया है। उन्होंने इन सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को मेसर्स चित्रा किरण वेस्ट मैनेजमेंट संस्था के सहयोग से सरकारी अस्पतालों के बायो मेडिकल कचरे का निपटान कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय अधिकारी मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मण्डल रीवा द्वारा भी निर्देश जारी किए गए हैं। चित्रा किरण वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना औद्योगिक विकास केन्द्र गुढ़ में की गई है।




