सीधी। विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में 24 अक्टूबर 2026 का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ। सतना-देवेंद्रनगर के 53 किलोमीटर और रीवा-चुरहट के 65 किलोमीटर रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। साथ ही देवेंद्रनगर-चुरहट मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ हुआ। इस उपलब्धि के साथ सीधी जिले के रामपुर नैकिन-चुरहट क्षेत्र को पहली बार रेल सेवा से जुड़ने का अवसर मिला है। इससे क्षेत्रवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। चुरहट में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, पूर्व मंत्री पुष्पराज सिंह, चुरहट के पूर्व विधायक शरदेंदु तिवारी, देव कुमार सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से कलेक्टर विकास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौम्या आनंद तथा रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे।
विंध्य और बुंदेलखंड को मिली विकास की नई सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विंध्य और बुंदेलखंड को नई रेल सेवा की सौगात मिली है, जिससे दीपावली की खुशियां और बढ़ गई हैं। लंबे समय से रेल सेवा से वंचित रहे क्षेत्र अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों को जोड़ने के साथ विकास के नए अवसर खोलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में रेल विकास की अनेक परियोजनाओं पर काम चल रहा है। प्रदेश में 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं प्रगतिरत हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, उद्योगों के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे लोगों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी आसान होगी।
रेल कनेक्टिविटी बनेगी विकास की लाइफलाइन: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विंध्य और बुंदेलखंड के लिए रेल कनेक्टिविटी की नई लाइफलाइन जुड़ने का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों का रेल संपर्क का सपना साकार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ, उसी प्रकार वर्तमान केंद्र सरकार के नेतृत्व में रेलवे नेटवर्क का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन के महत्वपूर्ण खंडों का काम पूरा होना क्षेत्र के विकास की दिशा में अहम कदम है।
रेल मंत्री ने कहा कि यह रेल लाइन ऊर्जा और उद्योगों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे विंध्य क्षेत्र को औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन, कटनी-सिंगरौली रेल लाइन के दोहरीकरण और रीवा-सतना रेलखंड के दोहरीकरण जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके पूरा होने से लंबी दूरी की ट्रेनों और मेमू सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण का काम भी किया जा रहा है।

वर्षों पुराना सपना हुआ साकार: राजेंद्र शुक्ल
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि यह सपनों के साकार होने का ऐतिहासिक दिन है। वर्ष 2016 में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जिस रेल परियोजना की नींव रखी थी, वह अब वर्ष 2026 में महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंच गई है। यह रेल लाइन प्रदेश की ऊर्जाधानी सिंगरौली को रीवा और सतना के सीमेंट उद्योगों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए औद्योगिक, पर्यटन और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है। इसके लिए मजबूत अधोसंरचना आधार तैयार करती है। विंध्य क्षेत्र में रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से विकास की नई संभावनाएं निर्मित हो रही हैं। रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाइन के साथ रीवा-सीधी फोरलेन और सीधी-सिंगरौली फोरलेन सड़क परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।

दिसंबर 2026 तक सीधी, 2028 तक सिंगरौली तक रेल पहुंचाने का लक्ष्य
सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि जिले में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है और लंबे इंतजार के बाद यह गौरवशाली अवसर आया है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार दिसंबर 2026 तक रेल लाइन को सीधी और वर्ष 2028 तक सिंगरौली तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार, रोजगार और शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को गति प्राप्त होगी। सांसद ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पूर्व सांसदों के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उद्योग, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों के विकास से विंध्य क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में चूना पत्थर और अन्य खनिज संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए रेल मार्ग सीमेंट, क्लिंकर और अन्य माल के परिवहन के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इससे औद्योगिक इकाइयों को परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
रेल संपर्क बेहतर होने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत होगी। वहीं, मुकुंदपुर स्थित व्हाइट टाइगर सफारी सहित क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने की संभावना है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से होटल, परिवहन और स्थानीय बाजारों को लाभ मिल सकता है तथा रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
रीवा सांसद ने 1956 की परिकल्पना का किया उल्लेख
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि जिस रेल सेवा की परिकल्पना वर्ष 1956 में की गई थी, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गति मिली है और परियोजना अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। उन्होंने रेल संपर्क के विस्तार को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
रीती पाठक के योगदान को लेकर उठे सवाल, आमंत्रण पत्र में नाम नहीं
सीधी जिले में रेल परियोजना को आगे बढ़ाने में पूर्व सांसद रीती पाठक की भूमिका का भी उल्लेख किया जा रहा है। लोकसभा क्षेत्र सीधी की पूर्व सांसद रीती पाठक ने ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के रीवा-सिंगरौली खंड पर वर्षों से धीमी पड़ी गतिविधियों को गति दिलाने और रेल कार्य को सीधी जिले तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए थे। अपने दस वर्ष के संसदीय कार्यकाल में उन्होंने सीधी तक रेल पहुंचाने को प्राथमिकता दी। इसके लिए वे रेल मंत्री, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपती रही थीं।
हालांकि, चुरहट रेलवे स्टेशन पर मेमू ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर वितरित आमंत्रण पत्र में पूर्व सांसद रीती पाठक का नाम शामिल नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके योगदान को देखते हुए आमंत्रण पत्र में नाम नहीं होने को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा की संभावना है। रेल परियोजना के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के लिए लंबे समय से किए गए प्रयासों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी चर्चा हो रही है।
रेल कनेक्टिविटी से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
रामपुर नैकिन-चुरहट क्षेत्र तक रेल सेवा पहुंचना सीधी जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब सबकी निगाहें दिसंबर 2026 तक सीधी और वर्ष 2028 तक सिंगरौली तक रेल लाइन का काम पूरा होने के निर्धारित लक्ष्य पर टिकी हैं। यदि परियोजना निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ती है, तो इससे विंध्य क्षेत्र में आवागमन, उद्योग, व्यापार और पर्यटन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।




