Rewa Corporation officials have tacit approval for these illegal constructions, resulting in losses worth crores…
विंध्य वाणी,रीवा। शहर में अवैध निर्माणों का भंडार है, बिना निगम की अनुमति अवैध निर्माण कर निगम को राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही है। बीच में नगर निगम में इन अवैध निर्माणों की शिकायत भी हुई लेकिन अब तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही सामने नहीं आई। नवागत निगमायुक्त अक्षत जैन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की बात कही है। इन दिनों पीटीएस से न्यू बस स्टैंड रोड में फ्लाई ओवर के शुरु होते ही नाले के बगल में चल रहा निर्माण चर्चा का विषय बना हुआ है, कहा जा रहा है कि यहां बड़े-बड़े नीले टीन सेड लगाकर निर्माण कराया जा रहा है जिसकी अनुज्ञा तक नहीं है। इतना ही नहीं आमजन को गुमराह करने के लिए इस अवैध निर्माण के मुख्य द्वार पर एक बोर्ड लगा दिया गया है जिसमें लिखा हुआ है कि यह जमीन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए सुरक्षित है। बताया गया कि यह कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण हल्का समान खसरा क्रमांक 430/2 व 429/2 सहित अन्य में किया जा रहा है, जिसकी शिकायत भी नगर निगम में की जा चुकी है लेकिन अभी तक अधिकारी इसकी खोज खबर लेने नहीं पहुंचे और अवैध रूप से लगातार निर्माण कार्य जारी है।
दूसरा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल नहीं
वहीं सुपर स्पेशलिटी अधीक्षक डॉ.अक्षय श्रीवास्तव से जब पूछा गया कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का कोई निर्माण कार्य इस जगह पर चल रहा है या फिर जमीन आरक्षित है तो उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कोई भूमि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के नाम पर आरक्षित नहीं है और न ही कोई निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा रीवा में फिलहाल कोई दूसरा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल नहीं है। जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि इस भूमि व निर्माण कार्य के बाहर लगाया गया यह गेट पूरी तरह से गुमराह करने के लिए लगाया गया है। बता देें कि चर्चा यह भी है कि इस निर्माण कार्य के लिए शासकीय नाले का स्वरूप भी बदल दिया गया है, जिसमें निगम अधिकारियों की पूरी सहभागिता है

चिरहुला रोड में बन रही कर्मशियल बिल्डिंग
यह कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण हल्का समान खसरा क्रमांक 430/2 व 429/2 सहित अन्य में किया जा रहा है, जिसकी शिकायत भी नगर निगम में की जा चुकी है लेकिन अभी तक अधिकारी इसकी खोज खबर लेने नहीं पहुंचे और अवैध रूप से लगातार निर्माण कार्य जारी है।बता दें कि इसी प्रकार रीवा-सीधी हाइवे में चिरहुला मंदिर के पहले पुराने कंमांडेंट बंगले के बगल में कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है, इसकी भी किसी प्रकार की कोई अनुमति नगर निगम से नहीं लिए जाने की चर्चा है। नीले टीन सेड के अंदर चल रहे इस निर्माण कार्य के संबंध में चल रही चर्चा के अनुसार चिरहुला हल्का खसरा क्रमांक 723/1 रकवा 0.4950 हे. के अंश रकवा 0.4640 हे. में यह निर्माण किया जा रहा है। जिसकी अनुमति टाउन कंट्री प्लानिंग से वर्ष 2022 में शापिंग मॉल के लिए भूमि स्वामी आदित्य प्रताप सिंह व अगर सिंह द्वारा ली गई है लेकिन नगर निगम से किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं है। हालांकि इस निर्माण कार्य को जिस प्रकार से बिना किसी डर और भय के पूरा किया जा रहा है, इससे यह कहना गलत नहीं होगा कि जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी पूरा सहयोग कर रहे हैं।
कंपांडिंग का चल रहा खेल
बता दें कि इस प्रकार के अवैध निर्माण अधिकारी-कर्मचारियों के संरक्षण से पूरा हो जाने के बाद उनमें कंपांउंडिंग का खेल कर दिया जाता है, जिससे इन्हें वैध कर दिया जाता है। नगर निगम के कुछ कंसंल्टेंट इस काम के लिए काफी चर्चा में हैं, जिनके द्वारा इन्हीं माध्यमों से मोटी कमाई की जा रही है और निगम को फूटी कौड़ी नहीं मिल रही है। ऐसे निर्माणों को यदि रोक दिया जाए तो निगम को करोड़ो के राजस्व की आय होगी। कुछ ऐसे कंसल्टेंट भी हैं जो यह काम करते-करते इन अवैध निर्माणों में पाटनरशिप कर पांच से 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी करने लगे हैं।

प्रयागराज मार्ग में बन गई
बता दें कि प्रयागराज मार्ग में जावेद हबीब शो रूम के ठीक बगल में बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी गई, जानकारी के अनुसार इसकी भी सक्षम स्वीकृति नगर निगम से नहीं ली गई। बीच शहर में इस प्रकार से अवैध बिल्डिंग का निर्माण हो गया लेकिन अधिकारी मौन साधे बैठे रहे। हैरानी इस बात की है कि उक्त मामलों का खुलासा के बाद भी हालात वहीं बने हुए हैं।
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