Close Menu
Vindhya Vani
  • Home
  • राष्ट्रीय
    • नई दिल्ली
    • छत्तीसगढ़
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
  • मध्य प्रदेश
    • भोपाल
    • जबलपुर
    • इंदौर
    • सागर
    • उज्जैन
    • चम्बल
  • विंध्य
    • रीवा
    • सीधी
    • सतना
    • सिंगरौली
    • शहडोल
    • कटनी
    • अनूपपुर
    • उमरिया
    • पन्ना
    • छतरपुर
  • मनोरंजन
  • खेल
    • क्रिकेट
      • आईपीएल
    • अन्य खेल
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • शिक्षा
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
Vindhya Vani
Google News
  • Home
  • राष्ट्रीय
    • नई दिल्ली
    • छत्तीसगढ़
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
  • मध्य प्रदेश
    • भोपाल
    • जबलपुर
    • इंदौर
    • सागर
    • उज्जैन
    • चम्बल
  • विंध्य
    • रीवा
    • सीधी
    • सतना
    • सिंगरौली
    • शहडोल
    • कटनी
    • अनूपपुर
    • उमरिया
    • पन्ना
    • छतरपुर
  • मनोरंजन
  • खेल
    • क्रिकेट
      • आईपीएल
    • अन्य खेल
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • शिक्षा
Vindhya Vani
Home » Rewa: स्वास्थ्य विभाग के इन दो घोटालेबाज बाबू संतोष तिवारी और आरके शुक्ला को क्या जानते हैं आप! इन्होने किए हैं यह बड़े घोटाले, कारनामे सुन खुली रह जाएँगी आँखे…
Rewa

Rewa: स्वास्थ्य विभाग के इन दो घोटालेबाज बाबू संतोष तिवारी और आरके शुक्ला को क्या जानते हैं आप! इन्होने किए हैं यह बड़े घोटाले, कारनामे सुन खुली रह जाएँगी आँखे…

Vindhya VaniBy Vindhya VaniAugust 15, 2022No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
सभी ताजा खबरें पढ़ने के लिए कृपया जरूर जुड़े🙏 Join Now

   


रीवा। स्वास्थ्य विभाग में फिर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। दो बाबुओं ने करोड़ों का घोटाला कर डाला। शासन से मच्छरदानी और कपड़ा भेजा गया फिर भी 33 लाख का भुगतान कर डाले। मेडिकल स्टोर से एसी, फ्रीज, कम्प्यूटर टेबिल की खरीदी कागजों में कर दी। बिना खरीदी के भुगतान कर डाले। बेबी सूट के लिए एक ही दिन में 6 खरीदी के आदेश शासन के नियमों के विरुद्ध किए। जांच हुई तो सारा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। कलेक्टर ने दोंनो लिपिकों को आरोप पत्र जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग और फर्जीवाड़े का साथ सालों पुराना है। यहां जितने भी सीएमएचओ रहे सभी के हाथ काले हुए। यहां फर्जी नियुक्तियों से लेकर फर्जी खरीदी और भुगतान में कई सीएमएचओ निपट गए। कईयों के खिलाफ अब भी प्रकरण चल रहा है। फर्जी कर्मचारियों की नियुक्ति के मामले ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थी। मामला थाना तक पहुंचा था। अब एक नया मामला बाबुओं का सामने आया है। बाबुओं ने अफसरों को ही फर्जीवाड़े में मात दे दी है। शासन के नियम को धता बताकर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा कर डाला। शासन के नियमों को दांव पर रखकर चहेती फर्मों से खरीददारी की। कई फर्मों को फर्जी भुगतान बिना खरीदी के किया गया। यह सारा गोलमाल कमीशन के फेर में हुआ। जब फर्जी भुगतान और खरीदी की जांच हई तो स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ लेखापाल संतोष तिवारी और तत्कालीन स्टोर कीपर राजकुमार शुक्ला फंस गए। जांच के बाद कलेक्टर ने दोंनों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। दोनों को आरोप पत्र जारी किया गया है।


संतोष तिवारी लेखापाल और राजकुमार शुक्ला तत्कालीन स्टोर कीपर 
कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रीवा के विरुद्ध मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 14 के तहत निम्नानुसार आरोप अधिरोपित किया जाता है।

आरोप क्र 1-
नियम विरुद्ध फर्म से खरीदी की

 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय रीवा में लेखापाल के पद पर पदस्थ रहने के दौरान मप्र हेल्थ सर्विस कार्पोरेशन भोपाल के नियम के विरुद्ध रेट कांट्रेक्ट में उपलब्ध सामग्री का स्थानीय स्तर पर रुपए 14 लाख का पावरलूम फर्म से नियम विरुद्ध सामग्री का क्रय किया गया। इसमें वरिष्ठ कार्यालय का न तो अनुमोदन लिया गया और न ही भंडार क्रय नियम का पालन हुआ। इसके बावजूद भी संबंधित संस्था को नियम विरुद्ध भुगतान किया गया।
आरोप क्र 2-
एक ही दिन में 6 ओदश किए

बेबी सूट के लिए एक ही दिन 6 आदेश द्वारा रुपए 12 लाख 7 हजार 450 रुपए के क्रय आदेश जारी किए गए। मप्र लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भोपाल द्वारा जारी वित्तीय शक्ति में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रतिमाह अधिकतम 10 लाख तक स्थानीय क्रय करने की वित्तीय सीमा तय है तथा 10 ाख से अधिक क्रय की स्थिति में स्वीकृत कलेक्टर से लिया जाना आवश्यक है। साथ ही मप्र भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन यिम 2015 के प्रावधानों के अनुसार रुपए 5 लाख से ऊपर के क्रय पर खुली निविदा द्वारा कार्यवाही करते हुए न्यूनतम दर प्राप्त फर्म से क्रय किया जाना निर्देशित है। यह सब जानते हुए भी लेखापाल ने संबंधित संस्था को नियम विरुद्ध राशि का भुगतान किया। वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया गया।
आरोप 3-
मच्छरदानी का फर्जीवाड़ा

एआरएलएम अंतर्गत प्राप्त बजट में पैथालॉजी व अन्य फ्री सर्विस के लिए रासायनिक उपकरण क्रय किए जाने का प्रावधान है। इसके बाद भी इस राशि से रुपए 26 लाख 51 हजार रुपए एवं 6 लाख 82 हजार 500 रुपए से नियम विरुद्ध कपड़ा और मच्छरदानी का क्रय किया गया। सेंट्रल लेबोरेटरी इंदौर से 2 हजार नग, सेंट्रल मेडिकल सोसायटी से 2 हजार नग एवं स्वास्थ्य संचालनालय भोपाल से 2 लाख 21 हजार 150 नग मच्छरदानियां प्राप्त हुईं थी। सामग्री प्राप्त होने के बाद भी फर्जी देयक प्राप्त कर राशि का भुगतान किया गया।
आरोप क्र 4-
मेडिकल एजेंसी से एसी, फ्रीज खरीदे

हनु मेडिकल एजेंसी रमागोविंद पैलेस सिरमौर चौराहा रीवा जो दवा, चिकित्सीय सामग्री विक्रय करती है। इसे एसी, रेफ्रिजरेटर, कम्प्यूटर टेबिल, स्टेशनरी सामग्री के फर्जी देयकों का भुगतान किया गया।
आरोप क्र 5-
67 लाख की नियम विरुद्ध हुई खरीदी

बिना मांग एवं आवश्यकता के कंबल, डिजिटल बीपी मशीन, मेडिकल गाउन, एलईडी, एज्ञामिनेशन लाइट, पल्स आक्सीमीटर आदि के क्रय के लिए 3 मार्च 2021 को अलग अलग आदेश द्वारा 67 लाख 91 हजार 633 की नियम विरुद्ध खरीदी की गई। नियम विरुद्ध भुगतान कर शासकीय राशि के खयानत में सहयोग किया गया।

     
   
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Vindhya Vani
  • Website

Hello Reader's, We have more than 5 Year's Content Writing and Editing Experience. I Have Join the Vindhya Vani on 2021.

Related Posts

मृत कर्मचारी के पेंशन प्रकरण में रिश्वत मांगने वाला अमीन लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा 3000 रुपये लेते रंगे हाथ ट्रैप,

July 26, 2026

अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की निविदाओं पर उठे सवाल – गैर-सुरक्षा कार्यों में PSARA लाइसेंस की अनिवार्यता से टेंडर फिक्सिंग की आशंका

July 26, 2026

रीवा के कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल की नई छत गिरी, ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक बाल-बाल बचे

July 26, 2026
Latest Post

त्वरित टिप्पणी: गुरु की गरिमा पर वायरल सवाल, सच की जांच कब ?…

September 17, 2026

BIG BREAKING: पूर्व कुलपति के बताए जा रहे वीडियो से विश्वविद्यालय में सनसनी…

September 17, 2026

BIG BREAKING:महाराष्ट्र में बंधक बनाए रीवा के पांच नाबालिग समेत 10 श्रमिक मुक्त…

September 17, 2026

Rewa Media: गेट पर पत्रकार रोके गए, अब जिम्मेदार कौन?

September 17, 2026

BETI KALPNA REWA:टेंट उखाड़ दिया, सवाल नहीं उखाड़ पाए…

September 16, 2026
    About Us
    About Us

    Welcome to Vindhya Vani, your number one source for all things related to Hindi News and provide the best content to read. We're dedicated to giving you the very best of News from our Rewa Madhya Pradesh with a focus on quality and real-world problem solutions.

    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Telegram
    • WhatsApp
    • LinkedIn
    © 2026 Vindhya Vani
    • Vindhya Vani – Read Latest Updates
    • About Us
    • Contact us
    • Privacy Policy

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.