जनसुनवाई, सुशासन और विकास कार्यों की वजह से बनाई अलग पहचान
भोपाल/छतरपुर। मध्यप्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी करते हुए वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी मृणाल मीणा को छतरपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। वे अब तक बालाघाट जिले के कलेक्टर के रूप में पदस्थ थे। वहीं, छतरपुर के तत्कालीन कलेक्टर पार्थ जायसवाल को शहडोल का कलेक्टर बनाया गया है। यह फेरबदल राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। Ias मृणाल मीणा को प्रदेश के ऊर्जावान और जनोन्मुखी अधिकारियों में गिना जाता है। प्रशासनिक कार्यशैली, त्वरित निर्णय क्षमता और आमजन से सीधे संवाद स्थापित करने की उनकी कार्यप्रणाली की व्यापक सराहना होती रही है। बालाघाट में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
विकास और सुशासन पर रहा विशेष फोकस
बालाघाट में अपने कार्यकाल के दौरान मृणाल मीणा ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया। जनसुनवाई और फील्ड विजिट के माध्यम से उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय की तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की। अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई, प्रशासनिक पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा वितरण को भी उन्होंने प्राथमिकता दी। विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय से अनेक विकास कार्यों को गति मिली, जिससे उनकी कार्यशैली की प्रदेश स्तर पर भी सराहना हुई।
रीवा नगर निगम में भी छोड़ी कार्यशैली की छाप
बालाघाट से पहले मृणाल मीणा रीवा नगर निगम के आयुक्त रहे। इस दौरान उन्होंने शहर में स्वच्छता अभियान, शहरी विकास कार्यों, पेयजल व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई पहल कीं। नगर निगम के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के प्रयासों ने उन्हें एक सक्रिय प्रशासक के रूप में पहचान दिलाई। इसके पूर्व वे राजगढ़ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां ग्रामीण विकास, पंचायतों के सशक्तिकरण और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष कार्य किया।




