रीवा। जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े प्राचार्यों के पद जल्द भरे जा सकते हैं। विभाग ने उच्च माध्यमिक शिक्षकों को हाईस्कूल प्राचार्य के पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित शिक्षकों के गोपनीय प्रतिवेदन मांगे गए हैं। अपर संचालक जनजातीय कार्य मध्यप्रदेश ने इस संबंध में संभागीय उपायुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार पदोन्नति की कार्यवाही के लिए संबंधित संवर्ग के अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावलियों का परीक्षण और उनका निर्धारण किया जाना है। इसके लिए संभाग के अंतर्गत पदस्थ सभी उच्च माध्यमिक शिक्षकों के वर्ष 2018 से 2025 तक के मूल गोपनीय प्रतिवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तैयार कर 15 नवंबर तक आयुक्त, जनजातीय कार्य मुख्यालय भोपाल की शिक्षा गोपनीय शाखा में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभारियों के भरोसे चल रहे कई स्कूल
जनजातीय कार्य विभाग के अनेक स्कूलों में नियमित प्राचार्य नहीं होने के कारण प्रभारी व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। इसका असर विद्यालयों के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों पर भी पड़ता है। प्राचार्य के पद रिक्त होने से विभागीय कामकाज और व्यवस्थाओं के संचालन में जिम्मेदारियों का अतिरिक्त बोझ बना रहता है। पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने के बाद लंबे समय से प्राचार्य विहीन स्कूलों को नियमित प्राचार्य मिल सकेंगे। इससे विद्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होने के साथ शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य विभागीय कार्यों का संचालन भी सुचारु होने की उम्मीद है।
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