पहले पत्नी रीवा की निगमायुक्त, पति सतना के SP थे… अब पति सतना निगमायुक्त, पत्नी रीवा जिला पंचायत CEO
रीवा/सतना। रीवा और सतना के बीच भले ही प्रशासनिक सीमाएं अलग हों, लेकिन इन दिनों दोनों जिलों की प्रशासनिक तस्वीर में एक दिलचस्प समानता नजर आ रही है। रीवा-सतना में एक बार फिर पति-पत्नी की प्रशासनिक तैनाती चर्चा का विषय बनी है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार जिम्मेदारियों का स्वरूप बदल गया है।
हालिया प्रशासनिक फेरबदल में IAS नागार्जुन बी. गौड़ा को सतना नगर निगम आयुक्त बनाया गया है, जबकि उनकी पत्नी IAS सृष्टि जयंत गौड़ा को रीवा जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों 2019 बैच के IAS अधिकारी हैं।
यानी पति सतना शहर की नगरीय व्यवस्था संभालेंगे और पत्नी रीवा के ग्रामीण विकास की कमान। दो पड़ोसी जिलों में एक ही IAS दंपती की तैनाती ने इस प्रशासनिक संयोग को खास बना दिया है।
ऐसा पहली बार नहीं… पहले भी बन चुकी है ऐसी तस्वीर
दिलचस्प बात यह है कि रीवा-सतना में प्रशासनिक दंपती की यह कहानी नई नहीं है। करीब तीन साल पहले भी दोनों जिलों में पति-पत्नी की तैनाती ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
अगस्त 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक उस समय आशुतोष गुप्ता सतना के पुलिस अधीक्षक थे, जबकि उनकी पत्नी IAS संस्कृति जैन रीवा नगर निगम की आयुक्त थीं। उस समय भी रीवा और सतना में पति-पत्नी की अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां चर्चा में आई थीं।
यानी तब सतना में पति कानून-व्यवस्था संभाल रहे थे और रीवा में पत्नी शहर की सरकार चला रही थीं। अब तस्वीर कुछ बदली है—इस बार सतना में पति नगर निगम की कमान संभालेंगे और रीवा में पत्नी जिला पंचायत की जिम्मेदारी।
तब IAS पत्नी-IPS पति, अब IAS पति-पत्नी
पुरानी तस्वीर में एक तरफ IPS अधिकारी और दूसरी तरफ IAS अधिकारी थे। अब दोनों ही पद IAS के हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों का यह बदलाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि दोनों ही मामलों में रीवा और सतना पड़ोसी जिले रहे और पति-पत्नी की पोस्टिंग एक-दूसरे के आसपास रही।
हालिया आदेश में नागार्जुन बी. गौड़ा को खंडवा जिला पंचायत CEO से हटाकर सतना नगर निगम आयुक्त बनाया गया है। वहीं सृष्टि जयंत गौड़ा को खंडवा से रीवा जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी मिली है।
शहर बनाम गांव… जिम्मेदारी अलग, इलाका पास-पास
नई पोस्टिंग में जिम्मेदारियों का स्वरूप भी खास है। सतना में नागार्जुन बी. गौड़ा के सामने शहरी विकास, नगर निगम की व्यवस्थाएं और स्मार्ट सिटी से जुड़े काम होंगे। दूसरी तरफ रीवा जिला पंचायत CEO के रूप में सृष्टि जयंत गौड़ा के सामने ग्रामीण विकास, पंचायतों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी होगी।
एक तरह से देखा जाए तो एक के सामने शहर की चुनौतियां हैं तो दूसरे के सामने गांवों की।
प्रशासनिक गलियारों में फिर चर्चा
पहले 2023 में रीवा-सतना में IAS-IPS दंपती की पोस्टिंग चर्चा में आई थी और अब 2026 में एक बार फिर यही दोनों जिले प्रशासनिक दंपती की तैनाती को लेकर चर्चा में हैं।
हालांकि दोनों अधिकारियों की पदस्थापनाएं स्वतंत्र हैं और उनके कामकाज का मूल्यांकन भी अलग-अलग होगा, लेकिन रीवा और सतना के दो पड़ोसी जिलों में पति-पत्नी की महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालना निश्चित रूप से एक रोचक प्रशासनिक संयोग है।
पुरानी कहानी में सतना की खाकी और रीवा की प्रशासनिक कमान पति-पत्नी के हाथ थी… नई कहानी में सतना की नगर सरकार और रीवा के ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी इसी तरह एक दंपती के हिस्से आई है। अब नजर इस बात पर होगी कि दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में कामकाज की कैसी मिसाल कायम करते हैं।




