रीवा। सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतना जिले के 19 अधिकारियों को भारी पड़ गया। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने जुलाई माह में दर्ज प्रकरणों तथा 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों से तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब मांगा गया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविरों में भी संबंधित क्षेत्र के सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई से जुड़े आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में भी लंबित प्रकरणों को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निपटाने के लिए अधिकारियों को लगातार निर्देशित किया जाता रहा है।
इसके बावजूद जुलाई में दर्ज शिकायतों और 50 दिन से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही सामने आई। कलेक्टर ने माना कि इसका सीधा असर संबंधित विभागों के साथ जिले की रैंकिंग पर भी पड़ा है। इसी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।
चार एसडीएम समेत सात तहसीलदारों को नोटिस
कलेक्टर की कार्रवाई की जद में चार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और सात तहसीलदार आए हैं। इनमें एसडीएम जवा पीयूष भट्ट, एसडीएम त्योंथर राकेश कुमार चौरसिया, एसडीएम गुढ़ सुधाकर सिंह बघेल और एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी शामिल हैं।
इसी तरह तहसीलदार जवा सौरभ द्विवेदी, तहसीलदार त्योंथर पारसनाथ मिश्रा, तहसीलदार हुजूर शहर अनुपम पाण्डेय, तहसीलदार हुजूर ग्रामीण शिवशंकर शुक्ला, तहसीलदार मनगवां आंचल अग्रहरि, तहसीलदार सेमरिया ममता पटेल और तहसीलदार गुढ़ अरूण यादव को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विभागीय अधिकारियों से भी जवाब तलब
कलेक्टर ने सहायक संचालक उद्यानिकी दीक्षा चौरे, सहायक संचालक पिछड़ावर्ग सुमन द्विवेदी, प्रभारी अधिकारी अक्षय ऊर्जा रमाशंकर तिवारी और जिला संयोजक जनजातीय कार्य केके पाण्डेय को भी नोटिस दिया है।
इसके अलावा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन मनोज तिवारी, जिला आयुष अधिकारी डॉ. शारदा मिश्रा, जिला खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी तथा महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय से भी लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर जवाब मांगा गया है।
रैंकिंग सुधारने के साथ शिकायतों के समाधान पर जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सीएम हेल्पलाइन केवल विभागीय रैंकिंग सुधारने का माध्यम नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण नहीं होने से आम लोगों को परेशानी होती है और शासन की मंशा भी प्रभावित होती है। ऐसे में अब लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी और समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।




