Cameras are lying idle at Rewa Agricultural Produce Market, tax evasion is being carried out by hiding information about incoming produce.
विंध्य वाणी, रीवा। कृषि उपज मंडी करहिया में तीन माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, वह आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। इसके लिए आरोप प्रभारी मंडी सचिव पर लगाया जा रहा है कि वह वेतन भुगतान के लिए किसी प्रकार का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं, उनके ही कार्यकाल में मंडी का खाता सीज कर दिया गया और अब तक इसे खोला नहीं जा सका। जिसके कारण वेतन भुगतान नहीं हो सका। वहीं अब मंडी के सीसीटीवी कैमरे को लेकर सवाल खड़ा किया जा रहा है। समचार पत्रों में प्रकाशित खबर के अनुसार वेतन न मिलने से नाराज कर्मचारियों के बीच चल रही चर्चा के अनुसार करहिया मंडी में सब्जी मंडी का संचालन किया जा रहा है। जो कि संभाग की इकलौती सब्जी मंडी है। जहां कई राज्यों से फुटकर सब्जी की आवक होती है। रोज सैकड़ों ट्रक माल आता है लेकिन लगभग ढाई वर्षों से सब्जी मंडी के कैमरों को बंद करके आवक को छिपाया जाता है। जिससे जानकारी न हो की कितनी आवक होती है और वहां पर अपने साथी और रिश्तेदारों को पदस्थ करके भारी मात्रा में सब्जी मंडी में टैक्स की चोरी की जाती है। सहायक उप निरीक्षक, जो अभी हाल में ही उप निरीक्षक बने, उनके द्वारा भारी मात्रा में सब्जी मंडी में टैक्स की चोरी की जाती है। वहीं चर्चा में कहा जा रहा है कि सचिव करुणेश तिवारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वजह उनको भी मिल रहा आर्थिक लाभ है। हालांकि इन चर्चाओं में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा तो जांच में ही होगा लेकिन इन दिनों मंडी प्रभारी सचिव करुणेश तिवारी के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है, बताया गया कि उनकी मूल पदस्थापना सतना मंडी में है और यहां वह चार वष से हैं। रीवा में उनको ढाई वर्ष से अतिरिक्त प्रभार है और इसी कारण से मंडी के संचालन में मनमानी चल रही है।
किराया वसूली पर उठ रहे सवाल
समचार पत्रों में प्रकाशित खबर के अनुसार वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि सब्जी के व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए व्यापारियों को आवंटित दुकानों का किराया समय पर नहीं लिया जाता और साथ में सभी व्यापारियों को मंडी के बिजली कनेक्शन से लगभग तीन वर्षों से बिजली जलाने की अनुमति मौखिक रूप से दी गयी है। जिस कारण लाखों रूपये का भार मंडी को पड़ रहा है। जिसकी जांच यदि कलेक्टर रीवा द्वारा कराई जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी।
ड्यूटी में मनमानी का आरोप
समचार पत्रों में प्रकाशित खबर के अनुसार वेतन न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंडी में मनमानी तरीक से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। लगभग 3 वर्षों से सब्जी मंडी के कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई गई। निर्माण कार्यों में कमीशन खाया गया, निर्माण शाखा में लाखों के फर्जी बिल बनाये जाते हैं। कई शिकायतों के बाद भी मंडी प्रभारी सचिव को हटाया नहीं गया जबकि शासन का नियम भी दरकिनार किया जा रहा है। उन्हें नहीं हटाया गया जबकि प्रदेश की हर मंडियों में मंडी निरीक्षक के बाद सचिव पदस्थ किया गया। प्रभारी मंडी निरीक्षक विष्णु शुक्ला की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़ें किए जा रहे हैं। हाल ही में पैसा मांगने और रात के अंधेरे में मंडी टैक्स की चोरी कर रहे वाहन को मंगाये जाने की जानकारी व वीडियो वायरल हुए लेकिन कार्यवाही कुछ नहीं हुई।
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