Veterinary College Rewa: Two research projects approved by MPCST…
विंध्य वाणी, रीवा। पशुचिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय को एमपीसीएसटी से दो अनुसंधान परियोजनाएं स्वीकृति की गई हैं। नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के माननीय कुलगुरू प्रो.(डॉ.) मनदीप शर्मा के मार्गदर्शन एवं पशुचिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय रीवा के अधिष्ठाता डॉ. अजीत प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशन में महाविद्यालय को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। महाविद्यालय को मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, मध्य प्रदेश शासन द्वारा दो प्रतिष्ठित अनुसंधान परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन अनुसंधान परियोजनाओं के प्रधान अन्वेषक के रूप में पशु शरीर क्रिया विज्ञान एवं जैव रसायन विभाग के डॉ. अनिल कुमार सिंह तथा पशु परजीवी विज्ञान विभाग के डॉ. आलोक कुमार सिंह कार्य करेंगे। दोनों ही वैज्ञानिक अपने-अपने क्षेत्र के अनुभवी एवं प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं। ये परियोजनाएं पशु स्वास्थ्य, रोग प्रबंधन एवं उत्पादकता वृद्धि से संबंधित समसामयिक विषयों पर केंद्रित हैं, जो क्षेत्र में पशुपालन एवं पशुधन विकास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
इन परियोजनाओं के माध्यम से महाविद्यालय में उच्च स्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों को शोध कार्यों में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्राप्त होगा। एमपीसीएसटी से प्राप्त वित्तीय सहायता आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं के विकास एवं प्रभावी प्रयोगात्मक कार्यों के संचालन में सहायक सिद्ध होगी।
कुलगुरु ने की सराहना
विश्वविद्यालय के कुलगुरू एवं महाविद्यालय के अधिष्ठाता ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित प्राध्यापकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां संस्थान की शैक्षणिक क्षमता एवं अनुसंधान उत्कृष्टता को दर्शाती हैं और इससे विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय की प्रतिष्ठा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ होगी।
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एमपीसीएसटी से दो अनुसंधान परियोजनाएं स्वीकृति की गई हैं, यह महाविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है। उच्च स्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों को शोध कार्यों में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्राप्त होगा।
डॉ. अजीत प्रताप सिंह, डीन वेटरनरी कॉलेज रीवा।
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