In Rewa division, the principals are acting arbitrarily against the guest scholars, they are pleading but no one listens…
विंध्य वाणी,रीवा। शासकीय कॉलेजों में कार्यरत अतिथि विद्वान नियमित प्राध्यापकों के रिक्त पद के विरूद्ध सेवा जरूर दे रहे हैं लेकिन उनको प्राध्यापकों को मिल रहे वेतन और सुविधाओं के अनुसार न के बराबर लाभ दिए जा रहे हैं, वह लंबे समय से अपनी मांगो को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन अभी कोई राहत उनको नहीं मिली है। वहीं इन दिनों अतिथि विद्वानों के सामने सार्थक उपस्थिति में समय की एक नई समस्या है, सार्थक उपस्थिति को लेकर अलग-अलग नियम अतिरिक्त संचालको व प्राचार्यो ने बना रखे हैं, रीवा में भी प्राचार्य अलग-अलग निसम बनाकर अतिथि विद्वानों से सेवा ले रहे हैं। जिले के किसी शासकीय कॉलेज में 6 घंटे की उपस्थिति के आधार पर वेतन दिया जा रहा है तो कहीं 6 घंटे 40 मिनट बैठाया जा रहा है। इसका विरोध लंबे समय से अतिथि विद्वान कर रहे हैं। हाल ही में आयुक्त उच्च शिक्षा ने आदेश जारी कर सार्थक उपस्थिति नियमानुसार होने के बाद भी वेतन भुगतान किए जाने हेतु आदेशित किया है और सार्थक उपस्थिति के संबंध में 30 अप्रैल 2025 को जारी आदेश का पालन कराए जाने के लिए आदेशित किया है। पूर्व में जारी किए गए इस आदेश में भी 6 घंटे कम से कम अतिथि विद्वानों की उपस्थिति पर ही वेतन दिए जाने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि प्राचार्यो के लिए जारी इस आदेश के बाद भी कॉलेजों में अलग-अलग नियम बनाकर सेवा ली जा रही है।
पूर्व एडी ने जारी किया था आदेश
बता दें कि पूर्व एडी उच्च शिक्षा डॉ.आरपी सिंह ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें 6.40 घंटे अतिथि विद्वानों की कॉलेजों में उपस्थिति अनिवार्य की गई थी, उक्त आदेश जारी करने का कारण आयुक्त उच्च शिक्षा द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिए गए मौखिक आदेश बताए थे, हालांकि इस प्रकार का कोई लिखित आदेश शासन स्तर से नहीं जारी किया गया था, अतिथि विद्वान तभी से इसका विरोध कर रहे थे लेकिन अभी तक इसका निराकरण नहीं हुआ। अब आयुक्त के आदेश के बाद भी राहत नहीं मिल रही है। अतिथि विद्वानों की मांग है कि उनकी सेवा आयुक्त उच्च शिक्षा के आदेश अनुसार ही ली जाए।
हरियाणा पॉलिसी की उम्मीद
बता दें कि अतिथि विद्वानों को मोहन सरकार से हरियाणा पालिसी लागू किए जाने की उम्मीद है, इसको लेकेर लगातार मांग भी हो रही है। अतिथि विद्वानों का कहना है कि सरकार हरियाणा पालिसी लागू करे तो अतिथि विद्वानों को राहत मिलेगी। हालांकि राज्य सरकार इस बिंदु पर काम तो कर रही है लेकिन इसका लाभ अतिथि विद्वानों को कब से मिलेगा यह नहीं कहा जा सकता।
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सार्थक उपस्थिति के संबंध में प्राचार्यो को आयुक्त उच्च शिक्षा का एक आदेश जारी किया गया है। कही जगहों पर चेक इन व चेक आऊट को लेकर समस्याएं आ रही है, इसी के आधार पर वेतन बनाए जाने के निर्देश है।
महेन्द्रमणि द्विवेदी, एडी उच्च शिक्षा रीवा।
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