जबलपुर। भारतीय रेल यात्रियों के सफर में उपयोग की जाने वाली एक सबसे बड़ी सुविधा है, जहां सफर के दौरान यात्रियों को सुविधा में रेलवे किसी प्रकार की कमी नहीं करता वहीं सीटों के आरक्षण को लेकर भी सुविधाएं दी जाती है। इसी कड़ी में रेलवे द्वारा एक नई सुविधा शुरु की गई है। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री एसएमएस के जरिये आरक्षित टिकट रद्द करा सकते हैं। रेल प्रशासन द्वारा यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। टिकट रद्द करने के लिए यात्रियों को 139 नम्बर पर मैसेज भेजना होगा। मैसेज में यात्री को कैंसिंल, पीएनआर नम्बर व ट्रेन…
Author: Vindhya Vani
जबलपुर। भारतीय रेल यात्रियों के सफर में उपयोग की जाने वाली एक सबसे बड़ी सुविधा है, जहां सफर के दौरान यात्रियों को सुविधा में रेलवे किसी प्रकार की कमी नहीं करता वहीं सीटों के आरक्षण को लेकर भी सुविधाएं दी जाती है। इसी कड़ी में रेलवे द्वारा एक नई सुविधा शुरु की गई है। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री एसएमएस के जरिये आरक्षित टिकट रद्द करा सकते हैं। रेल प्रशासन द्वारा यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। टिकट रद्द करने के लिए यात्रियों को 139 नम्बर पर मैसेज भेजना होगा। मैसेज में यात्री को कैंसिंल, पीएनआर नम्बर व ट्रेन…
ग्वालियर। प्रशासनिक अधिकारियों की मनामनी के चलते लोग परेशान है, ऐसा एक ही जिले में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में है, अपनी समस्याओं को लेकर वह छोटे अधिकारी से बड़े अधिकारियों तक भटकते रहते है, कुछ तो समस्याओं के साथ ही दम तोड़ जाते है तो कुछ ऐसे भी होते है जो इन समस्याओं ने परेशान होकर अपराध की दुनिया में प्रवेश कर जाते है ऐसा ही एक मामला ग्वालियर जिले में सामने आया है जब एक अधिकारियों की मनमानी से परेशान एक सेवानिवृत्त फौजी ने कलेक्टर को चेतावनी दे डाली, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह ग्वालियर जिले…
ग्वालियर। प्रशासनिक अधिकारियों की मनामनी के चलते लोग परेशान है, ऐसा एक ही जिले में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में है, अपनी समस्याओं को लेकर वह छोटे अधिकारी से बड़े अधिकारियों तक भटकते रहते है, कुछ तो समस्याओं के साथ ही दम तोड़ जाते है तो कुछ ऐसे भी होते है जो इन समस्याओं ने परेशान होकर अपराध की दुनिया में प्रवेश कर जाते है ऐसा ही एक मामला ग्वालियर जिले में सामने आया है जब एक अधिकारियों की मनमानी से परेशान एक सेवानिवृत्त फौजी ने कलेक्टर को चेतावनी दे डाली, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह ग्वालियर जिले…
भोपाल। कोविड काल के दौरान अशासकीय स्कूलों को मान्यता नवीनीकरण शुल्क में छूट दी गई। इस छूट का संस्थाओं ने गलत फायदा उठाया और फीस ही जमा नहीं की। अब स्कूल शिक्षा विभाग मान्यता नवीनीकरण शुल्क को लेकर सख्त है। लोक शिक्षण संचालनालय ने पत्र जारी कर सभी 38 स्कूलों को 30 मार्च तक का मौका दिया है। इसके बाद हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी जाएगी। ज्ञात हो कि कोविड महामारी के दौरान अशासकीय विद्यालयों के संचालन में आ रही समस्या को दृृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया था कि जिन संस्थाओं द्वारा मप्र…
भोपाल। कोविड काल के दौरान अशासकीय स्कूलों को मान्यता नवीनीकरण शुल्क में छूट दी गई। इस छूट का संस्थाओं ने गलत फायदा उठाया और फीस ही जमा नहीं की। अब स्कूल शिक्षा विभाग मान्यता नवीनीकरण शुल्क को लेकर सख्त है। लोक शिक्षण संचालनालय ने पत्र जारी कर सभी 38 स्कूलों को 30 मार्च तक का मौका दिया है। इसके बाद हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी जाएगी। ज्ञात हो कि कोविड महामारी के दौरान अशासकीय विद्यालयों के संचालन में आ रही समस्या को दृृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया था कि जिन संस्थाओं द्वारा मप्र…
भोपाल। प्रदेश के इंदौर जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है। जिसमे एक महिला ने थाने में जाकर शिकायत की है कि उसका ससुर पिछले 7 साल से उसके साथ रेप कर रहा है और जब उसने अपने पति को यह बात बताई तो पति और उसकी सास जान से मारने की धमकी दे रहे इसलिए उसे मजबूरन थाना आकर शिकायत करनी पड़ी। महिला ने पति सहित सास व ससुर के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस जांच में जुटी हुई है। महिला का जब वह विरोध किया तो उसके पति और सास ने मायके भेज…
भोपाल। प्रदेश के इंदौर जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है। जिसमे एक महिला ने थाने में जाकर शिकायत की है कि उसका ससुर पिछले 7 साल से उसके साथ रेप कर रहा है और जब उसने अपने पति को यह बात बताई तो पति और उसकी सास जान से मारने की धमकी दे रहे इसलिए उसे मजबूरन थाना आकर शिकायत करनी पड़ी। महिला ने पति सहित सास व ससुर के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस जांच में जुटी हुई है। महिला का जब वह विरोध किया तो उसके पति और सास ने मायके भेज…
रीवा। मंगलवार को 8 और समूहों का टेंडर फाइनल हो गया। सभी समूह 62 करोड़ में गईं। 27 में से 23 शराब समूह के ठेकेदार फाइनल हो गए हैं। उम्मीद से कहीं अधिक 24.09 फीसदी ज्यादा में शराब समूहों का टेंडर हुआ। 233 करोड़ 28 लाख इन समूहों के लिए मूल्य आरक्षित था लेकिन टेंडर में 289 करोड़ 48 लाख ऑफर मिला। सरकार की बल्ले बल्ले हो गई है। सरकार ने शराब नीति में बदलाव का निर्णय फायदे का सौंदा साबित होता दिख रहा है। अलग अलग शराब समूहों का ई-टेंडर बुलाया गया। इस टेंडर प्रक्रिया में शराब ठेकेदारों ने…
रीवा। मंगलवार को 8 और समूहों का टेंडर फाइनल हो गया। सभी समूह 62 करोड़ में गईं। 27 में से 23 शराब समूह के ठेकेदार फाइनल हो गए हैं। उम्मीद से कहीं अधिक 24.09 फीसदी ज्यादा में शराब समूहों का टेंडर हुआ। 233 करोड़ 28 लाख इन समूहों के लिए मूल्य आरक्षित था लेकिन टेंडर में 289 करोड़ 48 लाख ऑफर मिला। सरकार की बल्ले बल्ले हो गई है। सरकार ने शराब नीति में बदलाव का निर्णय फायदे का सौंदा साबित होता दिख रहा है। अलग अलग शराब समूहों का ई-टेंडर बुलाया गया। इस टेंडर प्रक्रिया में शराब ठेकेदारों ने…
