विंध्याचल परिवहन सलाहकार समिति के दो पदाधिकारियों पर 10 हजार रुपये का हर्जाना
रीवा। आरटीओ कार्यालय में प्रवेश पर रोक के आदेश को चुनौती देने वाली विंध्याचल परिवहन सलाहकार समिति के दो पदाधिकारियों की याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने खारिज कर दी। अदालत ने 10 हजार रुपये का हर्जाना लगाते हुए सात दिन के भीतर राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के खाते में जमा करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ में सुनवाई के दौरान सामने आया कि याचिकाकर्ता क्रमांक दो के खिलाफ 19 अगस्त 2026 को आरटीओ परिसर में हंगामे और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन याचिका में इसका उल्लेख नहीं किया गया। महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के मामले में अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ताओं ने आरटीओ के 21 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें कार्यालय परिसर में प्रवेश से रोका गया था। राज्य शासन की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि पहचान पत्र दिखाकर शांतिपूर्ण तरीके से कार्यालय में काम करने की अनुमति दी गई थी।




