रीवा। जिले के गोबिंदगढ़ जलाशय में बांध से जल रिसाव की सूचना के बाद स्थानीय स्तर पर चिंता का माहौल बन गया। 16 अगस्त को संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को बांध की आरडी 3750 से 3800 मीटर के मध्य दो स्थानों पर आधा एचपी से कम मात्रा में पानी के रिसाव की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का तकनीकी जायजा लिया गया। जांच के दौरान रिसाव बेहद मामूली पाया गया और मौके पर किसी प्रकार की असामान्य स्थिति सामने नहीं आई।
रिसाव में नहीं मिली बढ़ोतरी
स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दोनों स्थानों पर जल रिसाव की स्थिति देखी। जांच में रिसाव की मात्रा आधा एचपी से भी कम पाई गई। साथ ही यह भी सामने आया कि रिसाव में किसी तरह की वृद्धि नहीं हो रही है। लगातार बढ़ते रिसाव जैसी कोई स्थिति मौके पर नहीं मिली। रिसाव से निकलने वाला पानी भी स्वच्छ पाया गया।
तकनीकी दृष्टि से निरीक्षण के बाद अधिकारियों का मानना है कि जलाशय से हो रहा रिसाव निर्धारित सीमा के भीतर है। फिलहाल उपलब्ध परिस्थितियों में बांध की संरचना को किसी प्रकार का खतरा दिखाई नहीं दे रहा है।
क्षरण के भी नहीं मिले संकेत
निरीक्षण के दौरान बांध के संबंधित हिस्से में किसी प्रकार के क्षरण की स्थिति भी नहीं पाई गई। जल रिसाव की सूचना के बाद स्थानीय लोगों में बांध के क्षतिग्रस्त होने को लेकर भय व्याप्त हो गया था। हालांकि स्थल निरीक्षण और उपलब्ध तकनीकी स्थिति के आधार पर फिलहाल किसी विषम परिस्थिति के निर्मित होने की संभावना नहीं बताई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक केवल रिसाव की मौजूदगी को बांध के क्षतिग्रस्त होने का संकेत नहीं माना जा सकता। रिसाव की मात्रा, उसमें होने वाली वृद्धि, पानी के स्वरूप और बांध की संरचना की स्थिति जैसे तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही खतरे का आकलन किया जाता है। वर्तमान निरीक्षण में इन मानकों के आधार पर स्थिति सामान्य पाई गई है।
रबी सिंचाई के बाद होगा उपचार
जलाशय से हो रहे मामूली रिसाव को स्थायी रूप से नियंत्रित करने के लिए उपचार कार्य की योजना भी बनाई गई है। अधिकारियों के अनुसार रबी सिंचाई पूरी होने के बाद जलाशय का जलस्तर कम होने पर रिसाव वाले स्थानों पर आवश्यक उपचार कार्य कराया जाएगा। जलस्तर कम होने के बाद संबंधित हिस्से तक पहुंचकर तकनीकी रूप से आवश्यक सुधार किया जा सकेगा।
फिलहाल प्रशासन और तकनीकी अमले की नजर जल रिसाव की स्थिति पर बनी हुई है। निरीक्षण में रिसाव की मात्रा स्थिर मिलने और बांध के क्षरण के कोई संकेत नहीं मिलने से तत्काल किसी आपात स्थिति की बात सामने नहीं आई है। इसके बावजूद जलाशय की सुरक्षा को देखते हुए रिसाव की निगरानी और आवश्यक तकनीकी कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लोगों से भयभीत नहीं होने की अपील
जलाशय से रिसाव की खबर फैलने के बाद स्थानीय लोगों में बांध की सुरक्षा को लेकर आशंका पैदा हुई है। ऐसे में अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान तकनीकी निरीक्षण में बांध सुरक्षित स्थिति में पाया गया है। रिसाव निर्धारित सीमा के भीतर है और इसमें किसी प्रकार की वृद्धि नहीं मिली है। इसलिए मौजूदा स्थिति में किसी विषम परिस्थिति की संभावना नहीं है।
हालांकि जलाशय जैसे महत्वपूर्ण जल संसाधन की सुरक्षा को देखते हुए रिसाव की निगरानी जारी रखना जरूरी होगा। रबी सिंचाई के बाद प्रस्तावित उपचार कार्य पूरा होने के बाद रिसाव की समस्या को और प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।




