रीवा। नगर निगम में इन दिनों प्रमोशन की खींचतान मची हुई है, हालात यह बन रहे हैं कि प्रमोशन के लाभ को लेकर अधिकारी-कर्मचारी एक दूसरे को पीछे करने की दौड़ में जुटे हुए हैं। इसी बीच नगर निगम में अधिकारियों के वट्सअप में पहुंचा एक बिना हस्ताक्षर का शिकायत पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बिना हस्ताक्षर के अप्रमाणित शिकायत पत्र में नगर निगम अधिकारी व कर्मचारी पर रिश्वत मांगने का आरोप है। प्रमोशन के बीच इस शिकायत के वॉयरल होते ही अधिकारी-कर्मचारी के विरोधियो ने इसे गति दी तो वहीं इस शिकायत को फर्जी भी कहा जा रहा है। नगर निगम रीवा के जोन क्रमांक-3 से जुड़ी एक बिना हस्ताक्षर वाली शिकायत इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस कथित शिकायत में नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी हेमंत्र त्रिपाठी और सहायक निरीक्षक शकील खान पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इस शिकायत को फर्जी बताया जा रहा है, क्योंकि यह शिकायत नगर निगम कार्यालय नहीं पहुंची और शोसल मीडिया में वॉयरल हो रही है। कथित शिकायत में किसी भूपेन्द्र श्रीवास्तव का नाम लिखा हुआ है। ऐसे में शिकायत की प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं और मामला चर्चा का विषय बन गया है। वायरल पत्र में दावा किया गया है कि यह शिकायत 19 जून 2026 को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त के नाम भेजी गई है।
सबसे बड़ा सवाल, शिकायतकर्ता कौन?
पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र में किसी भी व्यक्ति के हस्ताक्षर नहीं हैं। शिकायतकर्ता का सत्यापित नाम, पता, मोबाइल नंबर तो है लेकिन पहचान संबंधी कोई प्रमाण भी उपलब्ध नहीं है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि शिकायत वास्तव की भी गई है नहीं और अधिकारियों का बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर बहस, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
वायरल पत्र के सामने आने के बाद सोशल मीडिया व नगर निगम में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोग बिना हस्ताक्षर वाली शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि जिन अधिकारियों पर इस प्रकार के फर्जी पत्र से आरोप लग रहे हैं उन पर किसी प्रकार आज तक कोई आरोप नहीं लगा है। उनकी छवि को धूमिल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। कथित शिकायत भी 19 जून 2026 की बताई जा रही है और वह वॉयरल प्रमोशन के बीच हो रही है।
आपसी सहमति नहीं
जोन क्रमांक 3 के जिस संपत्ति प्रकरण को लेकर यह कथित शिकायत पत्र वॉयरल हो रहा है, अधिकारियों ने बताया कि इस संपत्ति के चार हिस्सेदार हैं और दो भाई और दो बहन, जिनके बीच में बंटवारा होना है लेकिन चारो एक सहमत नहीं हैं कि जो बंटवारा किया गया है वह सही है ऐसे में बिना चारो के सहमति के नामांतरण नहीं किया जा सकता है। एक पक्ष की आपत्ति के साथ प्रकरण अभी भी विचाराधीन है।
०००००००००००




