31 जुलाई तक मिलेगा प्रवेश का मौका, डिजिटल व्यवस्था और ‘प्रवेश मेला’ अभियान से बढ़ी रफ्तार
भोपाल। मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त आईएएस प्रबल सिपाहा के कुशल नेतृत्व में ई-प्रवेश (e-Pravesh) प्रणाली ने इस वर्ष नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश के शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में 24 जुलाई 2026 तक 4 लाख 89 हजार 169 विद्यार्थियों ने प्रवेश लेकर पिछले चार वर्षों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। विभाग का दावा है कि डिजिटल प्रवेश व्यवस्था, मोबाइल एप, 24×7 कॉल सेंटर और कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) की त्वरित सुविधा के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा से जुड़े हैं विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में समान अवधि तक 3,21,154, वर्ष 2024-25 में 3,25,095, वर्ष 2025-26 में 4,15,655 और इस वर्ष 4,89,169 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में 73,514 और वर्ष 2023-24 की तुलना में 1,68,015 अधिक विद्यार्थियों ने दाखिला लेकर नया रिकॉर्ड बनाया है।
घर बैठे पूरी हो रही प्रवेश प्रक्रिया
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया है। विद्यार्थी अब घर बैठे ई-प्रवेश पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से पंजीयन, दस्तावेज अपलोड, ऑनलाइन सत्यापन, कॉलेज व पाठ्यक्रम का चयन, शुल्क भुगतान और प्रवेश की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को महाविद्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनी है।
7.18 लाख विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन
वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अब तक 7 लाख 18 हजार 386 विद्यार्थियों ने पोर्टल पर पंजीयन कराया है। इनमें से 6 लाख 31 हजार 854 विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 4 लाख 89 हजार 169 विद्यार्थी प्रवेश प्राप्त कर चुके हैं। प्रवेशित विद्यार्थियों में 3,38,148 स्नातक (यूजी), 1,04,455 स्नातकोत्तर (पीजी) तथा 46,566 विद्यार्थी एनसीटीई पाठ्यक्रमों में शामिल हैं।
कॉल सेंटर और हेल्प सेंटर से मिली राहत
प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विभाग ने प्रदेशभर के महाविद्यालयों में हेल्प सेंटर, 24×7 कॉल सेंटर, जिला एवं संभाग स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग और तकनीकी सहायता की व्यवस्था की है। कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) चरण में विद्यार्थियों को उसी दिन पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की सुविधा मिलने से अंतिम दौर में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के कॉलेज में प्रवेश लिया।
‘प्रवेश मेला’ अभियान से बढ़े दाखिले
आयुक्त आईएएस प्रबल सिपाहा ने नवाचार किया और प्रवेश मेला का आयोजन कराया। अतिरिक्त सीएलसी राउंड के दौरान प्रदेशभर के शासकीय, अशासकीय और निजी महाविद्यालयों में ‘प्रवेश मेला’ अभियान चलाया। इसके तहत विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पंजीयन, चॉइस फिलिंग, दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन संबंधी मार्गदर्शन और शुल्क भुगतान जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। हेल्प डेस्क के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया। वहीं, जिन विद्यार्थियों ने दस्तावेज सत्यापन के बाद शुल्क जमा नहीं किया था, उनसे व्यक्तिगत संपर्क कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई गई। जिन पाठ्यक्रमों में सीटें रिक्त थीं, वहां विशेष परामर्श देकर विद्यार्थियों को विषय चयन में भी मदद दी गई।
31 जुलाई तक मिलेगा प्रवेश का अवसर
उच्च शिक्षा विभाग ने सीएलसी चरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की है। सभी महाविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि अंतिम चरण तक हेल्प सेंटर सक्रिय रखें और प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंच सुनिश्चित करें। विभाग ने विद्यार्थियों से समय रहते प्रवेश सुनिश्चित करने की अपील की है ताकि कोई भी छात्र जानकारी के अभाव या तकनीकी कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए।




