रीवा। शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रीवा की प्राचार्य डॉ. मेजर विभा श्रीवास्तव ने अपने तीन वर्ष के सफल कार्यकाल में महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था, अनुशासन और छात्रहित को नई प्राथमिकता देने के साथ संस्थान को बेहतर दिशा प्रदान करने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में शिक्षा के साथ स्वच्छता, सुव्यवस्थित प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा व्यवस्था और छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने उनका अभिनंदन कर सम्मानित किया।
इस अवसर को यादगार बनाने के लिए महाविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत दो बरगद के पौधों का रोपण किया गया। बरगद के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और महाविद्यालय परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संदेश दिया गया। इस पहल ने कार्यकाल की उपलब्धियों के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।
छात्रहित और शैक्षणिक गुणवत्ता को मिली प्राथमिकता
डॉ. मेजर विभा श्रीवास्तव के तीन वर्षीय कार्यकाल की प्रमुख विशेषता छात्राओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना रही। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया। प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु और व्यवस्थित बनाने, छात्राओं को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने तथा महाविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए। स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देकर परिसर को साफ-सुथरा रखने की पहल की गई।
उनके नेतृत्व में परीक्षा परिणाम की उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि महाविद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। यह उपलब्धि महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्राओं के सामूहिक परिश्रम तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण का परिचायक बनी।
नीट और नर्सिंग परीक्षाओं के सफल आयोजन से बढ़ी संस्थान की प्रतिष्ठा
महाविद्यालय में नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा नीट और नर्सिंग जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं का सफल आयोजन भी किया गया। इन परीक्षाओं के व्यवस्थित संचालन से महाविद्यालय की प्रशासनिक एवं व्यवस्थागत क्षमता को मजबूती मिली। परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में समन्वय, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसके साथ ही छात्राओं को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराए गए। इससे छात्राओं को अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास का प्रदर्शन करने के लिए बेहतर मंच मिला।
सामूहिक प्रयासों को बताया उपलब्धियों का आधार
तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर डॉ. मेजर विभा श्रीवास्तव ने कहा कि यह अवधि उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभवों और उपलब्धियों से भरी रही है। महाविद्यालय में छात्राओं के हित, शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और स्वच्छता को हमेशा प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की प्रगति केवल एक व्यक्ति के प्रयासों से संभव नहीं होती। महाविद्यालय में हासिल की गई उपलब्धियां प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्राओं के सामूहिक परिश्रम एवं सहयोग का परिणाम हैं। उन्होंने भविष्य में भी संस्थान को शैक्षणिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की अपेक्षा जताई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं अन्य सहयोगियों ने प्राचार्य का अभिवादन करते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया। तीन वर्षों के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता, परीक्षा परिणाम, प्रशासनिक अनुशासन और छात्राओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के प्रयासों को महाविद्यालय परिवार ने सराहा। पौधरोपण के साथ संपन्न यह अवसर उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का प्रतीक बन गया।




