रीवा। न्यायालय के आदेश के बाद सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनाव कराने का निर्णय तो लिया गया लेकिन अब तक चुनाव की तारीख घोषित नहीं होने से छात्रों में असमंजस के साथ आक्रोश बढ़ रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि चुनाव की घोषणा के बाद से ही कॉलेज परिसरों में चुनावी गतिविधियां शुरू हो गई थीं लेकिन तारीख तय नहीं होने से तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। छात्रों के अनुसार, कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव को लेकर संभावित प्रत्याशी और छात्र संगठन सक्रिय हो चुके हैं। कई स्थानों पर छात्रों से संपर्क और बैठकों का दौर भी शुरू हो गया था। इसके बाद चुनाव की तारीख स्पष्ट नहीं होने से पूरी प्रक्रिया अधर में लटक गई है। छात्रों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट कार्यक्रम जारी किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्याशी और छात्र संगठन अपनी तैयारियां कर सकें।
एनएसयूआई ने की सीधे चुनाव की मांग
एनएसयूआई ने भी छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि पिछले दिनों हुई बैठक में चुनाव कराने की बात सामने आई थी लेकिन अब तक चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया गया। संगठन ने सीधे चुनाव कराने की मांग करते हुए कहा कि छात्रसंघ में मनोनयन की व्यवस्था से विद्यार्थियों की भागीदारी सीमित हो जाती है।
चुनाव न होने से समस्याएं भी बढ़ीं
छात्र संगठनों का कहना है कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। कहीं परीक्षा परिणाम में देरी तो कहीं प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं को लेकर छात्र परेशान हैं। छात्रसंघ नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रशासन के सामने मजबूती से रखने वाला प्रतिनिधि मंच भी नहीं है। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार ने छात्रसंघ चुनाव कराने का निर्णय लिया है तो चुनाव की तारीख भी जल्द घोषित की जानी चाहिए। तारीख में लगातार देरी से विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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